नई दिल्ली, फरवरी 3 -- राज्य वृक्ष खेजड़ी के संरक्षण की मांग को लेकर बीकानेर में चल रहा खेजड़ी बचाओ आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है। सोमवार को हुए महापड़ाव के बाद आंदोलन और तेज हो गया है। देर रात प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट के पास स्थित बलने बिश्नोई धर्मशाला पहुंचे, जहां मंगलवार को दोबारा महापड़ाव शुरू किया गया। यहां 363 संतों और समाज के लोगों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। धरने पर बैठे संतों और लोगों ने आंखों पर पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया। संतों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने खाना छोड़ने का निर्णय लिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।"एक भी पेड़ नहीं कटना चाहिए" धरनास्थल पर मौजूद संत सच्चिदानंद ने बताया कि आंदोलन में संतों के साथ बड़ी संख्या में पुर...