बीएसएल में हिंदी कार्यशाला सह कवि सम्मेलन आयोजित
बोकारो, सितम्बर 17 -- बोकारो में यूपीआई भुगतान रोजमर्रा के कारोबार का अहम हिस्सा बन चुका है। छोटे से लेकर बड़े व्यापारियों तक करीब 90 फीसदी तक लेन-देन डिजिटल माध्यम से होने का दावा कारोबारी कर रहे हैं। खासकर दो हजार रुपये से अधिक की खरीदारी में लोग नकद रखने के बजाय यूपीआई से भुगतान करना पसंद करते हैं। ऐसे में दो हजार रुपये से अधिक के भुगतान पर शुल्क लगने की चर्चा से कारोबारियों व उपभोक्ताओं में चिंता है। उनका कहना है कि शुल्क लागू होने पर ग्राहक नकद भुगतान की ओर लौट सकते हैं। कुछ लोग भुगतान को छोटे हिस्सों में बांटने का विकल्प भी अपना सकते हैं। कारोबारियों के अनुसार इससे डिजिटल लेन-देन की सहजता व पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है। उपभोक्ताओं ने सरकार से शुल्क व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग की है. यह भी पढ़ें- यूपीआई शुल्क से फिर बढ़ सकता है ...
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