रांची, मई 29 -- रांची, संवाददाता। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने से जुड़े 19 साल पुराने मामले में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने शुक्रवार को हजारीबाग के बीएसएनएल में टीएमओ पद पर कार्यरत रहे राम विनोद सिंह को दोषी करार देते हुए तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने आरोपी पर भारी-भरकम 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर उसे एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। मामले में सीबीआई की ओर से लोक अभियोजक देवेंद्र पाल सूद ने पक्ष रखा और ठोस दलीलें पेश की। मामला वर्ष 1983 से 2007 के बीच आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने से जुड़ा है। यह भी पढ़ें- 800 रुपये रिश्वत मामले में 19 साल बाद पूर्व सरकारी कर्मचारी बरी सीबीआई जांच में यह खुलासा हुआ था कि राम विनोद सिंह ने अपनी ज्ञात आय से करीब 34 लाख रुपये अधिक...