वाराणसी, अप्रैल 26 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। चौकाघाट डिविजन में गबन के मामले में गर्दन बचाने के लिए बीएलएस इंटरनेशनल सर्विस के अफसरों ने कई दस्तावेज गायब कर दिये थे। जांच समिति के सामने वहीं दस्तावेज सौंपे, जिससे उनकी करतूत पकड़ी न जा सके। वहीं समिति ने जैसे ही फर्जी रसीद से दस्तावेज का मिलान किया, सच आइने की तरह साफ हो गया। बीएलएस के एजेंटों ने बिल के पैसे जमा करने की बजाए खुद डकार गए। वहीं, डिस्कॉम प्रबंधन सिर्फ दो एजेंटों को हटाकर अपनी पीठ थपथपा रहा है। जानकार बताते हैं कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए थी। हालांकि, प्रबंधन का दावा है कि कंपनी के प्रोपराइटर को मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश जारी किया गया है। उधर, बीएलएस के अधिकारी मामले को दबाने में लगे हैं। एजेंटों पर अब तक मुकदमा दर्ज नहीं कराया। इससे डिविजन के अभियंताओं और...
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