भागलपुर, मार्च 3 -- भागलपुर, कार्यालय संवाददाता। बिहार कृषि विवि (बीएयू) सबौर ने ताड़ आधारित आजीविका सशक्तीकरण की दिशा में बड़ी पहल की है। बीएयू के वैज्ञानिकों ने 50 किलो क्षमता वाली मोटर चालित ताड़ गूदा निष्कर्षक मशीन तैयार की है। इसकी डिजाइन को भारत सरकार द्वारा पेटेंट मिला है। इसका सर्टिफिकेट विवि को प्राप्त हो गया है। 14 जनवरी 2026 की तिथि में इसे पंजीकृत किया गया है। वैज्ञानिकों ने बताया कि ताड़ फल का गूदा परंपरागत रूप से हाथ से निकाला जाता रहा है, जिससे कम दक्षता, अधिक श्रम, अस्वच्छता एवं उच्च कटाई उपरांत हानि की समस्या उत्पन्न होती है। बीएयू द्वारा विकसित मोटर चालित मशीन प्रति बैच 50 किलोग्राम फल प्रसंस्करण की क्षमता रखती है, जिससे कम समय में अधिक गूदा निष्कर्षण संभव होता है। बीएयू के मुताबिक बिहार में पासी समुदाय, जो अनुसूचित जाति...