नई दिल्ली, मई 14 -- चुनाव आयोग द्वारा वोटर लिस्ट को अपडेट करने के लिए चलाए गए 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) अभियान का असर अब सिर्फ चुनाव तक सीमित नहीं रह गया है। पश्चिम बंगाल और बिहार की सरकारों ने एक बड़ा फैसला लिया है। इन दोनों राज्यों में अब उन लोगों को सरकारी और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा, जिनका नाम चुनाव आयोग के इस अभियान के तहत वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं के वितरण में होने वाली धांधली को रोकना और अपात्र लोगों को सिस्टम से बाहर करना है।क्या है मामला और कितने नाम कटे? चुनाव आयोग ने बिहार (2025) और पश्चिम बंगाल (2026) विधानसभा चुनावों से पहले वोटर लिस्ट को साफ करने के लिए SIR अभियान चलाया था। इस अभियान के तहत मृतकों, दोहरी प्रविष्टि (डुप्लीकेट) या अपात्र लोगों के नाम लिस्ट से हटाए ...