संजय, अप्रैल 12 -- बिहार में हर महीने औसतन लगभग 35 लाख उपभोक्ताओं को बिजली बिल नहीं मिल रहे हैं। उत्तर बिहार की तुलना में दक्षिण बिहार के कम लोगों को बिजली बिल मिल रहे हैं। जिन लोगों को बिजली बिल मिल रहे हैं, उसमें भी मीटर रीडिंग नहीं होने से औसतन खपत को आधार बना दिया जा रहा है। इससे लोगों को अचानक से भारी-भरकम बिजली बिल आ जाते हैं, जिसे जमा करना मुश्किल हो रहा है। इस कारण हर महीने हजारों लोगों का बिजली कनेक्शन कट जा रहा है। यही नहीं, जिन उपभोक्ताओं को कंपनी बिल दे रही है, उनसे शत-प्रतिशत बिल की वसूली भी नहीं हो पा रही है। बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने कंपनी को इस परिस्थिति में सुधार लाने का टास्क सौंपा है। बिजली कंपनी ने विनियामक आयोग को बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड मात्र 89.24 फीसदी उप...
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