बिहार में मानसून के बावजूद सूखे का खतरा, 52 फीसदी कम बारिश; सिर्फ 4% धान की रोपनी
पटना, जुलाई 5 -- बिहार में मानसून को आए 25 दिन बीत जाने के बावजूद बारिश की भारी कमी बनी हुई है। राज्य के कई जिलों में औसत से बहुत कम बारिश अब तक दर्ज की गई है। भीषण गर्मी का असर अधिकांश जिलों मं दिख रहा है। हालत है कि सामान्य से 52 फीसदी कम बारिश होने के कारण राज्य में सूखे के काले बादल मंडरा रहे हैं। किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं और कृषि विभाग ने वैकल्पिक फसल योजना की तैयारी शुरू कर दी है। बारिश नहीं होने का असर सबसे अधिक धान की खेती पर हो रहा है। सरकार की ओर से तय लक्ष्य की तुलना में तीन जुलाई तक मात्र 77 फीसदी ही धान का बिचड़ा गिर सका है। जबकि रोपनी चार फीसदी हुई है। वैकल्पिक फसल के रूप में मक्के की खेती भी 33 फीसदी ही हो पाई है। अगर मानसून सक्रिय होता तो अब तक धान का बिचड़ा शत-प्रतिशत गिर चुका होता। रोपनी में भी तेजी आती। कृषि वैज्ञान...
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