औरंगाबाद, मार्च 5 -- बिहार में पिछड़ा राजनीति के एक दौर का अंत हो गया है। ये बातें पूर्व मंत्री व राजद प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सुरेश पासवान ने कही है। उन्होंने कहा कि बिहार की राजनीति में वर्ष 1990 से 2025 तक मंडल यानी पिछड़ों की राजनीति प्रभावी रही। 1990 में कांग्रेस शासन समाप्त होने के बाद जनता दल की सरकार बनी और लालू प्रसाद यादव मुख्यमंत्री बने। उनके नेतृत्व में सामाजिक न्याय व सांप्रदायिक सद्भाव को मजबूती मिली और समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास हुआ। लालू-राबड़ी शासनकाल में वंचित तबकों को अधिकार और प्रतिनिधित्व मिला। उन्होंने बताया कि वर्ष 2005 में नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद न्याय के साथ विकास का नारा दिया गया तथा पंचायत और नगर निकाय चुनावों में एकल पदों पर आरक्षण लागू कर पिछड़ा, अति पिछड़ा...
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