हिन्दुस्तान ब्यूरो, फरवरी 27 -- राज्य के सभी निजी व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों से विभिन्न मदों में लिए जाने वाले शुल्क सरकार तय करेगी। इसके लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित होगी, जो नामांकन से परीक्षा तक की शुल्क निर्धारित करेगी। गुरुवार को विधानसभा से बिहार निजी व्यावसायिक शैक्षणिक संस्थान (नामांकन विनियमन एवं शुल्क निर्धारण) विधेयक, 2026 पारित हुआ। इससे मनमाने शुल्क वसूली पर रोक लगेगी। निजी व्यावसायिक शैक्षणिक संस्थाओं के द्वारा लिये जाने वाले नामांकन एवं शिक्षण शुल्क निर्धारण के लिए कानून बनाया जा रहा है। किसी संस्थान के द्वारा समिति से तय की गई शुल्क से अधिक राशि ली जाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। अतिरिक्त शुल्क भी वापस करना होगा। सीटों में कटौती भी की जा सकती है। कमेटी के अध्यक्ष प्रख्यात शिक्षाविद् या सेवानिवृत्त प...
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