संजय कुमार, दिसम्बर 4 -- बिहार में नदियों की प्रवृत्ति बदल रही है। पहली बार अगहन (नवंबर) माह में गंगा, बागमती, महानंदा जैसी प्रमुख नदियों से कटाव हो रहा है। ऐसा तब है जब बाढ़ अवधि दो माह पहले बीत चुकी है। पिछले तीन चार दिनों में भागलपुर, मुंगेर, खगड़िया और कटिहार जिले में कटाव से कई लोगों की जमीन नदी में समा गई। अमूमन इन जिलों में सावन-भादो में कटाव होता था। इससे अभियंता भी हैरान हैं। कई जिलों ने मुख्यालय को रिपोर्ट भेज विशेषज्ञों की टीम कटाव स्थल पर भेजने का आग्रह किया है। चार दिन पहले भागलपुर में मानिक सरकार घाट पर गंगा में कटाव से कई लोगों को घर खाली करना पड़ा। यहां 100 फीट से अधिक क्षेत्र गंगा में समा गया। कटाव की वजह गंगा की मुड़ी हुई धारा और किनारे पर अतिक्रमण बताया गया। हालांकि, प्रशासन ने जियो-बैग डालकर स्थिति नियंत्रित की है। इसी...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.