कटिहार, फरवरी 11 -- कटिहार, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि जमीन खरीद-बिक्री में होने वाले फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए बिहार सरकार बड़ा डिजिटल कदम उठाने जा रही है। पहली अप्रैल से जमीन रजिस्ट्री के दौरान जियोटैग्ड फोटो अपलोड करना अनिवार्य किया जा रहा है। इस व्यवस्था में जमीन की लाइव लोकेशन, अक्षांश और देशांतर डेटा के जरिए प्लॉट की सटीक पहचान होगी। सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद एक ही जमीन को कई लोगों को बेचने, गलत प्लॉट दिखाकर रजिस्ट्री कराने और फर्जी दस्तावेज तैयार करने जैसे मामलों पर प्रभावी रोक लगेगी। दरभंगा जिले में इस सिस्टम का सफल ट्रायल किया जा चुका है, जिसके बाद अब इसे पूरे बिहार में लागू करने की तैयारी अंतिम चरण में है। कटिहार में क्यों अहम है यह सिस्टम कटिहार जिले में जमीन विवाद और कागजी गड़बड़ी के मामले समय-समय पर स...