पटना, सितम्बर 11 -- आलोक चन्द्र, पटना बिहार की 90 फीसदी से अधिक झीलों का वजूद खत्म हो गया है। ये झीलें महज छह वर्षों में समाप्त हुई हैं। जल निकाय गणना में यह चौंकाने वाली हकीकत सामने आई है। वर्ष 2018-19 में सभी 38 जिलों में हुई पहली जल निकाय गणना में राज्य में 2693 झीलें थीं। जबकि, 2024-25 में हुई दूसरी गणना में केवल 258 झीलें ही मिलीं। यानी, 2435 झीलें गायब हो चुकी हैं। योजना एवं विकास विभाग के तत्वावधान में यह गणना करायी गयी है। इसकी अंतिम रिपोर्ट केन्द्र सरकार के स्तर पर प्रकाशित की जाएगी। रिपोर्ट में कई और हैरान करने वाले तथ्य सामने आए हैं। राज्य के दस जिलों में कोई झील नहीं बची है। इनमें अरवल, बेगूसराय, जहानाबाद, कटिहार, खगड़िया, लखीसराय, मधुबनी, जमुई, सारण, शिवहर शामिल हैं। छह जिले में केवल एक-एक झील ही बची है। इनमें गोपालगंज, मुंगे...