हिन्दुस्तान ब्यूरो, अगस्त 30 -- बिहार में लगभग 1100 करोड़ रुपये का कोचिंग कारोबार है। ट्यूशन और छोटे स्तर पर कोचिंग चलाकर रोजी-रोजगार करने के मामले में बिहार देश में तीसरे पायदान पर है। घर-घर जाकर बच्चों को पढ़ाना हो या एक जगह कुछ बच्चों को एकत्रित कर पढ़ाने का मामला हो, बिहार में इस तरह का काम करने वालों की संख्या साढ़े पांच लाख से अधिक है। दिलचस्प यह है कि असंगठित क्षेत्र में बच्चों को पढ़ाकर जीविकोपार्जन करने वालों में 49 फीसदी महिलाएं शामिल हैं। दरअसल, सरकार ने असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए निबंधन की सुविधा दे रखी है। 24 अगस्त 2021 से असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले सभी सेक्टर के कामगारों का पंजीकरण ई-श्रम पोर्टल पर हो रहा है। देश में अब तक 54 लाख तीन हजार से अधिक लोगों ने कोचिंग कारोबार से जुड़े होने के तौर पर अपना पंजीकरण करा...