हिन्दुस्तान ब्यूरो, अगस्त 25 -- बिहार में रेलवे, रोड सहित अन्य विकासात्मक परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण में किसानों को कम पैसा मिल रहा है। राजस्व विभाग के अधिकारी जमीन का मूल्यांकन कम कर रहे हैं। अधिकारियों की गलती से दर्जनभर से अधिक जिलों के सैकड़ों किसानों को करीब एक हजार करोड़ कम मुआवजा मिला है। किसानों की इस हकमारी का खुलासा ऑडिट रिपोर्ट में हुआ है। अब राजस्व विभाग ने जिलों को संबंधित विभागों से अंतर राशि की मांग करने को कहा है ताकि किसानों को वास्तविक मुआवजा दिया जा सके। परियोजनाओं के लिए शहरी क्षेत्र में दोगुना और इसके बाद दूरी के आधार पर चार गुना तक मुआवजा का प्रावधान है। जमीन अधिग्रहण की ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2015-16 में पटना, भागलपुर और भोजपुर में 18.71 लाख उपकरण निर्धारित/आरोपित नहीं की गई। वित्तीय वर्ष 2016-17 म...
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