नई दिल्ली, अगस्त 26 -- प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों के 30 दिन तक हिरासत में रहने के बाद उन्हें पद से हटाने का प्रावधान करने वाले तीन विवादित विधेयकों पर विचार के लिए गठित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) में शामिल होने के मुद्दे पर इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों ने अब कांग्रेस पर ही दबाव बढ़ा दिया है। समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना (UBT) जैसे सहयोगी दल जहां इस समिति का बहिष्कार कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस समिति में शामिल होना चाह रही है लेकिन साथी दलों के आह्वान से अब कांग्रेस नेतृत्व दबाव में आ गया है। कांग्रेस के साथी दलों ने कहा है कि इस बिल पर उनका विरोध बहुत मजबूत है और JPC कोई खास बदलाव नहीं करने वाला है। बड़ी बात ये है कि बिहार विधानसभा चुनाव से ऐन पहले इंडिया गठबंधन के अंदर यह रस्साकशी उभरी है। कांग्रेस के लिए दूसरी ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.