बिहार की चीनी मिलें औसत 97 दिन ही चलीं
पटना, अगस्त 18 -- बिहार की चीनी मिलों को 150 दिन तक चलाने का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया है। बीते वित्तीय वर्ष में चीनी मिलें 97 दिन ही चल पाईं। यह पिछले साल की तुलना में 10 दिन कम है। वर्ष 2024-25 में 107 दिन मिलों में पेराई हुई थी। इसे गन्ना उत्पादन में कमी के असर के रूप में देखा जा रहा है। शुगर मिल एसोसिएशन का कहना है कि मिलों को पर्याप्त गन्ना नहीं मिलने से यह नौबत आई। गन्ने की पर्याप्त आपूर्ति होने के बाद ही मिलें 150 दिनों तक पेराई लक्ष्य को पूरा कर सकती है। यही कारण है कि गन्ना उद्योग विभाग गन्ने की खेती का रकबा बढ़ाने में जुट गया है। अगात फसल को प्रेरित किया जा रहा है। राज्य में गन्ना महोत्सव की तैयारी चल रही है। गन्ने की खेती को आसान बनाने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। राज्य सरकार चीनी मिलों की संख्या बढ़ा रही है। नवंबर में ...
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