बिहार: शराबबंदी से महिलाओं के खिलाफ हिंसा नहीं थमी, नशीली दवाओं का सेवन भी बढ़ा; शोध में बैन हटाने की सलाह
नई दिल्ली, अगस्त 9 -- राष्ट्रीय आर्थिक अनुसंधान परिषद (एनसीएईआर) के एक अध्ययन के अनुसार, बिहार को शराबबंदी खत्म कर देनी चाहिए क्योंकि यह महिलाओं के खिलाफ हिंसा को बढ़ने से रोकने में नाकाम रही है। इसके अलावा, ऐसे संकेत मिले हैं कि राज्य के वैध शराब की जगह नशीली दवाओं और अवैध शराब का सेवन बढ़ गया है। 'बिहार के विकास की उपलब्धियों का व्यापक परिप्रेक्ष्य, अधूरा एजेंडा और आगे की राह' शीर्षक वाले इस शोध पत्र में कहा गया है कि शराब उत्पाद शुल्क को फिर से लागू करने से राज्य के अपने राजस्व में 14 से 15 प्रतिशत की वृद्धि होगी और प्रवर्तन तथा तस्करी-रोधी अभियानों पर होने वाले खर्च में कमी आएगी। 'इंडिया पॉलिसी फोरम' में प्रस्तुत इस पत्र में कहा गया कि अप्रैल 2016 में शराबबंदी लागू करने का मुख्य उद्देश्य यह विश्वास था कि शराब घरेलू हिंसा का एक बड़ा का...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.