जमशेदपुर, फरवरी 3 -- बिष्टूपुर के रीगल कैफे में 21 फरवरी की शाम 5 बजे से 7 बजे तक साहित्यिक संध्या 'कलम का कारवां' का आयोजन किया जाएगा। इसमें शहर के कई दिग्गज और प्रतिष्ठित साहित्यकार एक मंच पर अपने जीवन से जुड़े अनुभव और संघर्ष साझा करेंगे। यह आयोजन केवल रचनाओं के पाठ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लेखक की उस यात्रा को सामने लाएगा, जो नाम और पहचान से पहले उसके जीवन में घटती है। मंच पर लेखक अपनी बात रखेंगे, जिनकी रचनाएं आज पाठकों तक पहुंच रही हैं, लेकिन जिनका शुरुआती सफर चुनौतियों से भरा रहा। किसी ने लगातार अस्वीकृतियां झेलीं, किसी को अपने लेखन पर संदेह हुआ, तो किसी को पारिवारिक और सामाजिक दबावों का सामना करना पड़ा। कलम का कारवां इन अनुभवों को सहज और बिना औपचारिकता के साझा करने का अवसर देगा। आयोजन की खासियत यह है कि यहां लेखक की सफलता नहीं, ब...