अलीगढ़, अप्रैल 9 -- (स्मार्ट मीटर का झटका) अलीगढ़, लोकेश शर्मा। स्मार्ट मीटर सिस्टम ने बिजली उपभोक्ताओं की मुश्किलें कम करने के बजाय परेशानियां खड़ी कर दी हैं। एक ओर उपभोक्ता रिचार्ज, बैलेंस और बिलिंग की तकनीकी खामियों में उलझे हुए हैं, तो दूसरी ओर बिजली विभाग बढ़ते राजस्व से इतराता नजर आ रहा है। पिछले साल जहां जिले का राजस्व 118 करोड़ रुपये था, वहीं इस वर्ष यह बढ़कर 128 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यानी करीब 11 प्रतिशत की वृद्धि। दूसरी ओर, प्रदेश में मीटर लगा रहीं कंपनियों की सालाना कमाई सात अरब रुपये पहुंचने का अनुमान है। सवाल यह है कि क्या यह बढ़ोतरी व्यवस्था के सुधार से आई है या फिर उपभोक्ताओं की जेब पर बढ़ते बोझ का परिणाम है।स्मार्ट मीटर को आधुनिक और पारदर्शी व्यवस्था का प्रतीक बताया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी कह रही ह...
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