गुड़गांव, अप्रैल 30 -- गुरुग्राम, कृष्ण कुमार। नगर निगम गुरुग्राम द्वारा आयोजित किए जा रहे समाधान शिविर में अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अधिकारी लोगों की शिकायतों का स्थायी समाधान किए बिना ही उन्हें केवल कागजों पर बंद कर रहे हैं। इसका नतीजा यह है कि निगम की कार्रवाई से 81 फीसदी से अधिक लोग असंतुष्ट हैं, जिसके कारण उन्हें अपनी शिकायतें दोबारा खुलवानी पड़ रही हैं। आंकड़ों के अनुसार, पोर्टल पर 24 अप्रैल तक कुल 207 शिकायतें लंबित हैं। इनमें से 168 शिकायतें री-ओपन (दोबारा खोली गई) श्रेणी में दर्ज हैं, जबकि केवल 21 नई शिकायतें ही लंबित हैं। यह ट्रेंड स्पष्ट करता है कि शिकायतों को पहले समाधान हो गया बताकर बंद कर दिया गया था, लेकिन गुणवत्तापूर्ण काम न होने के कारण उन्हें फिर से जीवित करना पड़ा।
इंजीनियरिंग और इन्फोर्स...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.