लातेहार, अप्रैल 7 -- बेतला, प्रतिनिधि। पिछले करीब डेढ़ दशक से पीटीआर में कार्यरत 22 वन-श्रमिकों को बिना कोई पूर्व सूचना दिए वन-प्रबंधन द्वारा सामूहिक रूप से हटाया जाना पूरी तरह से अन्यायपूर्ण और असंवैधानिक है।ये बातें झारखंड वन-श्रमिक यूनियन पलामू के केंद्रीय अध्यक्ष सिद्धनाथ झा ने सोमवार को बेतला में कही। उन्होंने सरकारी प्रावधानों का हवाला देते कहा कि किसी भी श्रमिक को उसे कार्य से हटाने के कम से कम एक माह पूर्व नियोक्ता द्वारा पर्याप्त कारण और एक माह का अग्रिम मजदूरी-भुगतान करना जरूरी है।जब कि पीटीआर प्रबंधन ने अग्रिम मजदूरी देने की बात तो दूर,उनके पिछले छह माह के बकाए मजदूरी का भुगतान भी करना मुनासिब नहीं समझा और बिना कोई पूर्व सूचना के वर्षों पुराने सभी 22 वन-श्रमिकों को अचानक कार्य से विमुक्त कर दिया।वहीं अध्यक्ष झा ने आर्थिक तंगी स...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.