पूर्णिया, अप्रैल 17 -- पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने जोरदार तरीके से अपनी बात रखते हुए सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यह बिल जिस तरीके से लाया गया है, वह लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। वर्ष 2014 की फ्री लेजिस्लेटिव काउंसिल पॉलिसी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी विधेयक को कम से कम 30 दिनों तक सार्वजनिक परामर्श के लिए रखा जाना चाहिए, लेकिन इस संवैधानिक संशोधन की प्रतियां सांसदों को सत्र शुरू होने के महज दो दिन पहले दी गईं। इसके लिए न तो विशेषज्ञ समिति से चर्चा हुई और न ही राज्यों से कोई राय ली गई। यह भी पढ़ें- बिना सामाजिक और आर्थिक न्याय के कोई भी कानून अधूरा रहेगा पप्पू यादव ने अपने संबोधन में कहा कि देश में महिल...
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