संभल, अप्रैल 1 -- सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने लोकसभा में बिना पुख्ता सबूत के होने वाली गिरफ्तारियों पर गंभीर चिंता जताते हुए इसे न्याय व्यवस्था के लिए चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में जमानत मिलना बेहद कठिन हो जाता है और लंबी कानूनी प्रक्रिया ही सजा का रूप ले लेती है, जो न्याय के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। सांसद बर्क ने कहा कि उनका वक्तव्य किसी भी प्रकार की हिंसा, उग्रवाद या आतंकवाद के समर्थन में नहीं है, बल्कि लोकतंत्र में सवाल उठाने के अधिकार की रक्षा के लिए है। उन्होंने आरोप लगाया कि लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म के नाम पर ऐसा माहौल बनाया जा रहा है, जहां असहमति जताने वाले नागरिक, छात्र, पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता संदेह के घेरे में आ जाते हैं। सवाल उठाया कि क्या सरकार से सवाल करना या संविधान की बात करना अपराध बन गया है। आलो...
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