धनबाद, अप्रैल 20 -- एकड़ा लोयाबाद स्थित श्री श्री राधा कृष्ण प्रेम मंदिर में चल रहे सप्तम वार्षिक महामहोत्सव के तहत श्रीमद्भागवत कथा का तृतीय दिवस पूज्य श्री सुरेन्द्र हरिदास जी के सानिध्य में श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में सम्पन्न हुआ। कथा के दौरान सुरेन्द्र जी ने परिवार, संस्कार और धर्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज माता-पिता स्वयं शास्त्रों के विरुद्ध आचरण करते हैं, लेकिन संतान से धर्मपरायण और संस्कारी बनने की अपेक्षा रखते हैं। उन्होंने कहा कि जैसे खेती परिश्रम से फलती है, वैसे ही संतान माता-पिता के कर्म और धर्म से आगे बढ़ती है, इसलिए अभिभावकों को अपने आचरण को शुद्ध रखते हुए परिवार में प्रेम, संयम और धर्म का वातावरण बनाना चाहिए। यह भी पढ़ें- कथा श्रवण करने से मोक्ष की प्राप्ति संभव : सुरेंद्र हरिदास उन्होंने कहा कि केवल भौतिक...