मुजफ्फरपुर, जून 8 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। छाता चौक स्थित चित्रगुप्त एसोसिएशन के कार्यालय परिसर में चल रहे नौ दिवसीय संगीतमय श्री रामकथा के दूसरे दिन सोमवार को कथावाचक पंडित रविशंकर ठाकुर महाराज ने कहा कि बिना विश्वास के भक्ति संभव नहीं है।उन्होंने कहा कि दृढ़ भक्ति के लिए रामजी से प्रेम अतिआवश्यक है। कथावाचक ने मानस के सातो कांडों की विस्तार से चर्चा की। बताया कि संत का अनुमोदन भगवान मानते हैं। राम परीक्षा का नहीं, बल्कि प्रतीक्षा का विषय है। राम संशय का नहीं, समर्पण का विषय है। माता सती ने राम पर संशय किया, दंड के रूप में शिव से जुदा हो गईं। यह भी पढ़ें- श्रीराम-सीता विवाह प्रसंग सुन श्रद्धालु हुए भावविभोर कहा कि दो संत जब आपस में संवाद करते हैं तो भगवत चर्चा होती है। रामकथा आनंद का सागर है। राम अनुशासन तथा मर्यादा के जीवंत...