बिजनौर, दिसम्बर 15 -- बिजनौर। करीब एक करोड़ रुपये की लागत से जिला अस्पताल परिसर में लगा लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट करीब डेढ़ साल से संचालन न हो पाने से सफेद हाथी बना खड़ा है। दरअसल इसके लिए अनिवार्य पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन (पीसो) लाइसेंस ही नहीं है। और तो और लाइसेंस की प्रक्रिया तक अभी शुरु नहीं हुई है। सीएमएस के मुताबिक यह मेडिकल कालेज प्राचार्या को कराना है और वह इस सम्बंध में पत्र लिख चुके हैं। शासन लगातार मरीजों को अधिक से अधिक सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में काम कर रहा है, लेकिन इसे अमलीजामा पहनाने वाले गंभीर नजर नहीं आ रहे। मेडिकल कालेज से सम्बद्ध जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को ऑक्सीजन की कमी न हो, इसके लिए करीब एक करोड़ की लागत से लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट लग चुका है। इसमें करीब 65 लाख की लागत से लिक्वि...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.