देहरादून, मई 11 -- Kaam ki Khabar: उत्तराखंड में सरकार ने भूजल के व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर नई नीति लागू कर दी है। इसके तहत अब उद्योग, हाउसिंग सोसायटी और व्यावसायिक संस्थानों को भूजल के उपयोग के लिए सिंचाई विभाग से पांच हजार रुपये का शुल्क देकर अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य हो गया है। बिना मंजूरी इस्तेमाल पर दोगुना जुर्माना लगेगा। देहरादून-हरिद्वार और नैनीताल में कड़े प्रतिबंध लागू किए गए हैं। नई व्यवस्था में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए वर्षा जल संचयन और पानी के पुनर्चक्रण (रिसाइकिल) एवं इसके दोबारा उपयोग (रियूज) को प्रोत्साहन दिया जाएगा। जो भी संस्थान पानी को रि-जनरेट, रि-साइकिल और रि-यूज करने वाले संयंत्र लगाकर 25% तक पानी बचाएंगे, उन्हें भूजल शुल्क में 10 प्रतिशत तक छूट मिलेगी। एनओसी के बिना भूजल उपयोग पर दोगुना तक ज...