कुशीनगर, जून 25 -- पडरौना, निज संवाददाता। यह भी पढ़ें- तालों में कैद रहे कोचिंग सेंटर, लौटे छात्र-छात्राएं लखनऊ में कोचिंग सेंटर में लगी आग की घटना ने शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुशीनगर जिले की तस्वीर भी इससे अलग नहीं है। जिले के लगभग सभी कस्बाई और शहरी क्षेत्रों में सैकड़ों कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं, लेकिन इनमें से किसी के पास भी अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (फायर एनओसी) नहीं है। ऐसे में यदि किसी कोचिंग संस्थान में आगजनी जैसी अप्रिय घटना घट जाए तो छात्रों की जान जोखिम में पड़ सकती है। लखनऊ हादसे के बाद जिले के कोचिंग संचालकों में बेचैनी बढ़ गई है और अब वे फायर विभाग से संपर्क कर एनओसी हासिल करने की प्रक्रिया की जानकारी जुटाने में लगे हैं। वहीं, बिना सुरक्षा मानकों के चल रहे कोचिंग ...