बाराबंकी, जून 25 -- बाराबंकी, संवाददाता। मरीजों व छात्रों की जान जोखिम में डालकर शहर से लेकर कस्बों तक बेसमेंट में नर्सिंग होम और कोचिंग संचालित हो रही है। लखनऊ में हुए हादसे के बाद शासन से लेकर प्रशासन चौकन्ना हो गया है, लेकिन संचालकों पर इसका कोई असर पड़ता नहीं दिखाई दे रहा है। फायर एनओसी को लेकर स्वास्थ्य विभाग और अग्निशमन विभाग के मानकों में मतभेद भी सामने आ रहे हैं। एफएसओ ने कहा कि बेसमेंट में ऐसा कोई प्रतिष्ठान नहीं खुल सकता जहां ज्यादा लोगों का आवागमन हो, वहीं स्वास्थ्य विभाग पंजीकरण के समय ऐसी कोई जानकारी लेना उचित नहीं समझ रहा है। फायर सिलेंडरों की रसीद को ही एनओसी मानकर रजिस्ट्रेशन किए गए। वहीं पंजीकृत सभी 17 कोचिंग सेंटर बिना फायर एनओसी के चल रहे हैं। यह भी पढ़ें- बेसमेंट में चल रहीं कोचिंग और अस्पतालों पर फिर उठे सवालबेसमेंट मे...