गाज़ियाबाद, मई 30 -- गाजियाबाद, संवाददाता। जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के तहत गर्भवती महिलाओं के खुलने वाले बैंक खातों पर ब्रेक लग गया है। पैन कार्ड की अनिवार्यता की वजह से गर्भवतियों के बैंक खाते नहीं खुल पा रहे हैं। इसके कारण उन्हें पोषण राशि से हाथ धोना पड़ सकता हैं। महिला अस्पताल समेत सभी सीएचसी और कुछ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर संस्थागत प्रसव कराए जाते हैं। सरकारी अस्पतालों में होने वाले प्रसव के बाद प्रसूताओं को शहरी क्षेत्र में 1000 रुपये और ग्रामीण क्षेत्र की प्रसूता को 1400 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके लिए पहली या दूसरी प्रसव पूर्व जांच पर गर्भवती को बैंक खाते का ब्यौरा उपलब्ध कराना पड़ता है।

पैन कार्ड की अनिवार्यता सरकार की ओर से आर्थिक सहायता प्रसूता के बैंक खातों में भेजी जाती है लेकिन केंद्र सरकार के नए नियमो...