कटिहार, अप्रैल 11 -- कटिहार, निज प्रतिनिधि किसानों को सिंचाई सुविधा देने को लेकर बनाए गए नहर व छहर का अस्तित्व मिट रहा है। पानी नहीं होने से नहर सूखी पड़ी है। नहरों की सफाई नहीं होने से अधिकांश स्थानों पर घास व झाड़ी उग आई है। नहर का बांध व किनारा मरम्मत के अभाव में कमजोर है। नहरों में कभी पानी छोड़ा भी जाता है तो बांध तोड़कर पानी बेकार बह जाता है। कई स्थानों पर नहर व छहर बेकार होने के कारण किसानों ने या तो उसे अपने खेत में मिला लिया है या अतिक्रमण कर लिया गया है। पिछले वर्ष मनरेगा योजना से कुछ स्थानों पर नहरों की सफाई भी कराई गई थी। पानी नहीं छोड़े जाने के कारण कूड़ा-कचरा तक भर आया है। मनरेगा योजना का नाम बदलकर अब जी राम जी कर दिया गया है। इसके तहत मुख्य नहरों की सफाई के लिए योजना मिलने की उम्मीद है। योजना मिलने पर नहरों की सफाई कराई जाए...