लखनऊ, अक्टूबर 8 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने नियामक आयोग से निजीकरण मसले पर अपना पक्ष सुने जाने की मांग की है। संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि अगर कर्मचारियों का पक्ष सुने बिना अगर सहमति दी जाएगी तो आयोग दफ्तर के बाहर मौन विरोध प्रदर्शन होगा। संघर्ष समिति ने इस संबंध में आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार को एक पत्र भी भेजा है। संघर्ष समिति ने भी निजीकरण और बिजली दरें बढ़ाने की साजिश रचे जाने का आरोप लगाया है।
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