रांची, अप्रैल 1 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने ग्राम पंचायत स्तर पर बिना पंजीकृत फार्मासिस्ट की उपस्थिति और निगरानी के संचालित हो रही दवा दुकानों को गंभीरता से लिया है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने इस मामले की सुनवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को इस मामले में खुद शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि पूर्व में कई बार प्रधान सचिव स्तर के अधिकारी निर्देश के बावजूद हलफनामा दाखिल करने से बचते रहे हैं, इसलिए इस बार यह कार्य स्वयं उन्हें ही करना होगा। कोर्ट ने फार्मेसी कौंसिल ऑफ इंडिया समेत अन्य संबंधित को भी अपने-अपने पक्ष स्पष्ट करते हुए शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने सभी पक्षों को 17 अप्रैल तक शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सु...