नई दिल्ली, मार्च 17 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। नगर निगम ने मंगलवार को उच्च न्यायालय में कहा कि उत्तम नगर में बिना नोटिस के तोड़-फोड़ नहीं होगी। यह मामला होली के दिन हुई झड़प में एक शख्स की मौत से जुड़ा हुआ है। निगम ने कहा कि इस मामले में शामिल आरोपियों के घर में हुए अवैध निर्माण को गिराने से पहले नोटिस दिया जाएगा। एमसीडी के आश्वासन के बाद पीठ ने इस मामले में सुनवाई को बंद कर दिया है। हाईकोर्ट में दो आरोपियों की मां जरीना और शहनाज ने एक याचिका दायर की थी। महिलाओं का कहना था कि उन्हें आशंका है कि उनके घर गिरा दिए जाएंगे। पीठ ने कहा कि एमसीडी की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय पोद्दार ने आश्वासन दिया है कि नोटिस दिए बिना गैर-कानूनी निर्माण के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी कार्रवाई उच्चतम न्यायालय के फैसले के अनुसार ...