नई दिल्ली, अप्रैल 17 -- upsc success story shambhavi tiwari : जिंदगी में जब सब कुछ खत्म होता सा लगे तो समझ लीजिए कि वही वक्त एक नई शुरुआत का है। असफलताएं इंसान को तोड़ती नहीं, बल्कि भीतर से तराशती हैं। उत्तराखंड के शांत और हरे भरे शहर पंतनगर की रहने वाली शांभवी तिवारी का सफर कुछ ऐसा ही है। ये उस आम लड़की की कहानी है जिसने शुरुआती दो प्रयासों में प्रीलिम्स तक क्लीयर नहीं किया। एक बार तो सीसैट (CSAT) के पेपर ने ऐसा तगड़ा झटका दिया कि पूरा एक साल ही हाथ से फिसल गया। लेकिन, शांभवी ने हार मानकर बैठ जाने के बजाय अपनी कमियों को पहचाना, रणनीति बदली और यूपीएससी सीएसई 2025 में 46वीं रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया। आइए जानते हैं शांभवी तिवारी की सफलता की कहानी.बचपन में ही पड़ गए थे जन सेवा के बीच शांभवी का बचपन बड़े ही सुकून भरे माहौल में बीता। उनका भ...