मुंगेर, जनवरी 2 -- मुंगेर, हिन्दुस्तान संवाददाता। बिहार में नई शिक्षा नीति को बड़े उद्देश्य और दावों के साथ लागू तो कर दिया गया, लेकिन मुंगेर विश्वविद्यालय (मुंविवि) सहित जिले के कॉलेजों में यह नीति बिना संसाधन, बिना शिक्षक और बिना आधारभूत संरचना के लागू कर दी गई। नतीजा यह है कि जिस उद्देश्य से नीति लाई गई थी, उसका लाभ छात्रों तक नहीं पहुंच पा रहा है। गौरतलब है कि नई शिक्षा नीति को देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार के रूप में लागू किया गया था, लेकिन मुंगेर विश्वविद्यालय में यह नीति अपने मूल उद्देश्य से भटकती नजर आ रही है। कौशल विकास, बहुविषयक शिक्षा और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों का सपना अब तक हकीकत में तब्दील नहीं हो सका है। नई शिक्षा नीति लागू होने के साथ ही कालेजों में एक भी कोर्स व्यवस्थित तरीके से संचालित नहीं हो सका है। स...
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