बिना जांच गर्भपात की दवा पड़ी भारी, मेडिकल कॉलेज ने बचाई महिला की जान
पीलीभीत, जुलाई 14 -- पीलीभीत। घर पर प्रेग्नेंसी किट से गर्भावस्था की पुष्टि होने के बाद बिना चिकित्सकीय सलाह और अल्ट्रासाउंड कराए गर्भपात की दवा खाना 28 वर्षीय महिला के लिए जानलेवा साबित हुआ। फटी हुई एक्टोपिक प्रेग्नेंसी के कारण अत्यधिक आंतरिक रक्तस्राव होने पर उसे गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज से संबद्ध चिकित्सालय लाया गया। गहन उपचार के बाद जान बचाई जा सकी। महिला को गंभीर अवस्था में लेबर रूम लाया गया था। जांच में पता चला कि उसे रप्चर्ड एक्टोपिक प्रेग्नेंसी है। इस स्थिति में गर्भ गर्भाशय के बजाय फैलोपियन ट्यूब में विकसित होता है, जो समय पर उपचार न मिलने पर जानलेवा हो सकता है। वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. केके भट्ट और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. शुभम ने आपातकालीन शल्य चिकित्सा की। ऑपरेशन के दौरान अधिक रक्तस्राव होने पर महिला को पै...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.