काशीपुर, अप्रैल 8 -- दीप पाठक, काशीपुर। श्रीमद्भागवत में कथा व्यास आचार्य रविकांत तिवारी ने कहा कि जीवन बिना गुरु के व्यर्थ है। जीव को अपनी सद्गति चाहिए तो जीवन में गुरु जरूर बनाएं। नारद मुनि की कथा का विवरण करते हुए कहा कि किस प्रकार नारद जी ब्रह्म देव के मानस पुत्र थे। फिर भी नारायण भगवान ने उनको गुरु बनाने के लिए कहा और उसी के माध्यम से उनका उद्धार हुआ। उनको चौरासी लाख योनियों से छुटकारा मिला। काशीपुर के पैराडाइज कॉलोनी में बुधवार को श्रीमद्भागवत कथा प्रारंभ हुई। यहां मोहित गुप्ता, पंडित शोहित त्रिवेदी, हिमांशु त्रिवेदी, बृजेन्द्र पोइया, राजीव अग्रवाल, सनद अग्रवाल, संजय गोयल, कुशाग्र अग्रवाल, जितेंद्र काला, ओमप्रकाश भारती, उपेंद्र विश्नोई, नितिन विश्नोई आदि रहे।

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