विधि संवाददाता, मई 2 -- UP News : बिना कारण बताए एक व्यक्ति की गिरफ़्तारी पर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सख्त रुख अपनाया है। शासन पर 10 लाख रुपये का हर्जाना लगाया है। न्यायालय ने हर्जाने की यह रकम चार सप्ताह में याची को देने का आदेश दिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि इस रकम को सरकार जिम्मेदार अधिकारियों से वसूल सकती है। न्यायालय ने याची की गिरफ़्तारी को अवैध ठहराते हुए, उसे तत्काल रिहा करने के आदेश दिए हैं। यह निर्णय न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन और न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने गिरफ्तार किए गए व्यक्ति मनोज कुमार की ओर से उसके पुत्र मुदित कुमार की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर पारित किया है। वहीं न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की कि अपर मुख्य सचिव गृह अपने शपथ पत्र में यह स्पष्ट करने में असफल रहे कि याची को तीन माह से अवैध हिरासत म...