प्रयागराज, मई 20 -- प्रयागराज, संवाददाता। एसआरएन अस्पताल में अधिवक्ताओं और जूनियर डॉक्टरों के बीच हुई मारपीट का सबसे बड़ा खामियाजा लगभग 2500 मरीजों को भुगतना पड़ा। भीषण गर्मी में दूरदराज से आए मरीज बिना इलाज के लौट गए। हालांकि जिन मरीजों के पास दवा का पुराना पर्चा था उन्हें सीनियर डॉक्टरों ने परामर्श दिया। ट्रामा सेंटर में सुबह छह बजे से शाम चार बजे तक यानी लगभग 10 घंटे तक इमरजेंसी सेवाएं ठप रहीं। इस बीच किसी नए मरीज को भर्ती नहीं किया गया। पूर्व में निर्धारित ऑपरेशन के अलावा कोई नया ऑपरेशन नहीं किया गया। दूसरे अस्पतालों से रेफर होकर आए मरीजों की एंबुलेंस में सांस अटकी रही। बेली अस्पताल, कॉल्विन अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी से रेफर होकर ट्रामा सेंटर आए 70 से अधिक मरीज दूसरे अस्पताल में इलाज के लिए चले गए। ट्रामा सेंटर में एक्स-रे और सिटी स्कैन...