रांची, अप्रैल 24 -- रांची, संवाददाता। संयुक्त बिहार के बहुचर्चित बिटुमेन (अलकतरा) घोटाला के 29 साल पुराने मामले में शुक्रवार को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने भ्रष्टाचार और सरकारी संपत्ति के गबन के मामले में मेसर्स विनय सिन्हा (ट्रांसपोर्टर) सहित चार दोषियों को तीन-तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी पर आर्थिक दंड भी लगाया गया है। सीबीआई की ओर से लोक अभियोजक खुशबू जायसवाल ने फैसले के दौरान अदालत से अधिकतम सजा की मांग थी। अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि ट्रांसपोर्टर विनय सिन्हा, आशीष मैती, राज कुमार राय और रंजन प्रधान ने मिलीभगत कर इस घोटाले को अंजाम दिया था। यह मामला सड़क निर्माण प्रमंडल (आरसीडी) हजारीबाग से जुड़ा है। सीबीआई ने साल 1997 में केस (आरसी12(ए)/1997-डी) दर्ज किया था। सीबीआई के अनुसार, वर्ष 1...