बिटिया गई, खेती छूटी... अब मजदूरी की तैयारी
शाहजहांपुर, जून 8 -- जिस खेत से घर का चूल्हा जलता था, अब वहां जाने में जान निकलती है। बिटिया चली गई, अब खेती भी छूटने की नौबत आ गई है... ककराकला गांव निवासी नईम की आंखें यह कहते हुए भर आती हैं। बीते 24 मई को नदी किनारे खेत से लौट रही उनकी 11 वर्षीय बेटी सवालिया पर कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल बच्ची की बाद में मौत हो गई। घटना के दो हफ्ते बाद भी परिवार दहशत में जी रहा है। नईम बताते हैं कि घटना के बाद अफसर गांव पहुंचे थे। तत्कालीन सीओ सिटी पंकज पंत और एसडीएम संजय पांडेय ने मदद का भरोसा दिया था। राशन कार्ड भी बनवा दिया गया, लेकिन उसके बाद केवल 20 किलो चावल मिला। हमें कहा गया था कि हर महीने राशन मिलेगा, मदद होगी, लेकिन फिर कोई पूछने नहीं आया।
खेत में जाने में डर नईम बटाई पर करीब दो बीघे जमीन लेकर खेती करते हैं। खेत मे...
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