नई दिल्ली, अप्रैल 8 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने पराली से बने ईंधन का उपयोग नहीं करने वाले कोयला आधारित बिजली संयंत्रो पर 61 करोड़ रुपये का क्षतिपूर्ति जुर्माना लगाया है। ये बिजली संयंत्र दिल्ली के 300 किलोमीटर के दायरे में स्थित हैं। पराली की समस्या के समाधान और बेहतर उपयोग के लिए सभी कोयला आधारित बिजली संयंत्रों को पांच फीसदी बायोमास पैलेट्स या ब्रिकेट के उपयोग को अनिवार्य किया गया है। ये पैलेट या ब्रिकेट पराली या अन्य कृषि अवशेष से बने होते हैं। आयोग के मुताबिक, इन वैज्ञानिक प्रावधानों को फसल अवशेषों के प्रबंधन को बढ़ावा देने, पराली जलाने की घटनाओं को कम करने और एनसीआर तथा आसपास के क्षेत्र में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए अधिसूचित किया गया है। इसके साथ ही नियमित अंतराल पर इनकी समीक्षा के भी निर्देश जा...
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