बरेली, जुलाई 30 -- आइस फैक्ट्री के बिजली बिल में जोड़े गए एरियर को स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष कालीचरण और सदस्य संजीव कुमार गौतम और अनीता यादव ने निरस्त करने के आदेश दिये हैं। स्थायी लोक अदालत ने बिजली विभाग को खर्चा मुकदमा दस हजार रूपये भी देने के आदेश दिये हैं। चांद रानी आइस फैक्ट्री के पार्टनर हरीश धवन ने स्थायी लोक अदालत में मुख्य अभियंता और अधिशासी अभियंता के खिलाफ केस दायर किया था। आरोप था कि वह अपनी आइस फैक्ट्री का बिल समय से जमा कर रहे थे।4 मार्च 2024 को 3 लाख 93 हजार 604 रूपये का बिल भेजा। जिसमें पुराना बिल भी जोड़ दिया गया। जिसे ऑफिस वालो ने भी सही नहीं किया। चेक मीटर लगवाने पर उनका पुराना मीटर 75 यूनिट तेज चलता पाया गया था। परेशान होकर हरीश धवन ने स्थायी लोक अदालत में केस दायर किया था।

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