बिजली चोरी के मामलों में सिविल कोर्ट का हस्तक्षेप नहीं
गुड़गांव, मई 9 -- गुरुग्राम,गौरव चौधरी। जिला अदालत ने बिजली चोरी के खिलाफ दायर दो अलग-अलग याचिकाओं को यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि चोरी के मामले सिविल कोर्ट के क्षेत्राधिकार से बाहर हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि बिजली अधिनियम के तहत चोरी से जुड़े मामलों की सुनवाई विशेष अदालतों के दायरे में आती है, न कि सामान्य सिविल अदालतों के। बिना मीटर बिजली इस्तेमाल पर 7.88 लाख का जुर्माना
पहला मामला सुशांत लोक-2 का पहला मामला सुशांत लोक-2 का है। यहाँ की निवासी बीरबती के घर पर 29 जनवरी 2022 को बिजली निगम की टीम ने छापेमारी की थी। जांच के दौरान पाया गया कि मकान में कोई बिजली मीटर ही नहीं लगा था और सीधे तौर पर बिजली का उपयोग किया जा रहा था। मौके पर मौजूद विनीत नामक युवक ने दलील दी थी कि पुराना मीटर जल गया है, इसलिए उसे हटा दिया गया। हालांकि, नियमों के...
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