संतकबीरनगर, जनवरी 8 -- संतकबीरनगर, निज संवाददाता। निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों का धरना जारी है। बिजली कर्मियों ने कहा निजीकरण का कोई प्रस्ताव स्वीकार्य नहीं है। धरने में इं. राजेश कुमार ने बताया कि उपभोक्ताओं और किसानों के हितों को दरकिनार कर बिजली वितरण निगमों का निजीकरण करने का कोई एकतरफा निर्णय लिया गया तो इसकी तीखी प्रतिक्रिया होगीइसकी सारी जिम्मेदारी केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों की होगी। दिलीप सिंह ने कहा कि एक ओर राज्य सरकार निजीकरण का निर्णय लेकर पॉवर सेक्टर में निजी क्षेत्र की मनॉपली स्थापित करने में लगी है जो किसी भी तरह उचित नहीं है। सब्सिडी और क्रॉस सब्सिडी समाप्त करने की कोशिश और कॉस्ट रिफ्लेक्टिव टैरिफ किसी भी प्रकार किसानों और गरीब उपभोक्ताओं के हित में नहीं है। संतोष गुप्ता ने कहा कि निजीकरण के निर्णय के विरोध में ...
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