गुरुग्राम, अक्टूबर 22 -- गुरुग्राम एवं नूंह के बिजली वितरण को प्राइवेट हाथों में सौंपने के फैसले के खिलाफ बिजली कर्मचारियों की 3 दिवसीय प्रदेशव्यापी हड़ताल जारी है। इसके समर्थन में अखिल भारतीय किसान सभा और सीटू ने भिवानी में प्रदर्शन किया। नेताओं का कहना है कि निजीकरण से बिजली महंगी होगी, रोजगार घटेंगे और आम जनता, किसानों, व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। इस हड़ताल से हरियाणा के 15 जिलों में बिजली सेवाएं बाधित हुई हैं। जगह-जगह फॉल्ट ठीक न होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।22 से 24 अक्टूबर तक हड़ताल गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण का लाइसेंस प्राइवेट कंपनी को देने के विरोध में बिजली कर्मचारियों की 22 से 24 अक्टूबर तक तीन दिवसीय हड़ताल के कारण कई इलाकों में बिजली गुल रही। हरियाणा में बिजली विभाग के करीब 40 हजार कर्मचारी 3 दिन की हड़ता...