लखनऊ, जून 5 -- गोमती नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन सरकारी विभागों के बीच समन्वय की कमी इस अभियान पर भारी पड़ रही है। यह भी पढ़ें- गोमती नदी का पानी हाथ धोने लायक भी न बचाबिजली कनेक्शन की कमी इसका ताजा उदाहरण सीजी सिटी में देखने को मिला है, जहां बनाया गया पांच एमएलडी क्षमता का सीवेज पंपिंग स्टेशन (एसपीएस) आज तक बिजली कनेक्शन के अभाव में शुरू नहीं हो सका है। नतीजतन क्षेत्र का सीवर युक्त पानी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तक पहुंचने के बजाय सीधे नाले के जरिए गोमती नदी में गिर रहा है। बिजली न मिलने से बेकार पड़ा एसपीएसबिजली आपूर्ति की कमी जानकारी के अनुसार सीजी सिटी योजना के अंतर्गत 19 एमएलडी क्षमता का एसटीपी संचालित हो रहा है, लेकिन पुलिस मुख्यालय क्षेत्र के लिए बनाए गए पांच एमएलडी के एसपीएस और ...