प्रयागराज, जुलाई 16 -- Allahabad Highcourt: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उसकी ओर से मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराने में बिजनौर के पुलिस अधिकारियों की लापरवाही के चलते जमानत अर्जी के निपटारे में 10 दिन से अधिक की देरी होने पर यूपी सरकार पर 50,000 रुपये का हर्जाना लगाया है। हालांकि, न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने मंगलवार को दहेज हत्या के कथित मामले में यासीन नामक व्यक्ति और उसकी पत्नी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सुनाए गए फैसले में कहा कि राज्य सरकार जांच के बाद दोषी अधिकारियों से हर्जाने की राशि वसूल सकती है। पुलिस अधिकारियों के कारण हुई देरी पर नाखुशी जाहिर करते हुए अदालत ने कहा, यह जमानत अर्जी तीन जुलाई 2026 को ही निस्तारित की जा सकती थी, लेकिन बार-बार रिमाइंडर भेजे जाने और मौखिक निर्देश दिए जाने के बावजूद इस अदालत को आवश्यक जानकारी ...